पटियाली तहसील में मरे हुए इंसान की आत्माओं से करा दिया जाता है बैनामा
पटियाली तहसील में मरे हुए इंसान की आत्माओं से करा दिया जाता है बैनामा
गगन मंच संवाददाता
उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज की तहसील पटियाली की एक अजीबो-गरीब कहानी सामने आई है जानकारी के अनुसार ब्रजेश दुवे पुत्र श्री रामौतार दुबे मूल निवासी रतनपुर मौजा बीनपुर जनपद कासगंज उत्तर प्रदेश जिन्हें
रामौतार दुबे की मृत्यु हो जाने के बाद बचपन से ही तहेरे भाई कमलेश दुबे मूल निवासी रतनपुर पुर मौजा बीनपुर जनपद कासगंज उत्तर प्रदेश वर्तमान में पूर्वी दिल्ली की पुरानी कोंडली में रहते हैं जिन्होंने ब्रजेश दुबे का पालन-पोषण कर शादी भी कमलेश दुबे के कर कमलों द्वारा हुई थी बताते चलें आपको कि कमलेश दुबे पूर्वी दिल्ली डी डी ए में सरकारी नौकरी करते थे वहीं दूसरी ओर ब्रजेश दुवे प्राईवेट कंपनी में नौकरी करते थे 28 फरवरी 2020 को ब्रजेश दुबे की अचानक हृदय गति रुक
जाने से देहांत हो गया उधर दूसरी ओर रतनपुर निवासी अवधेश दुवे ने तहसील पटियाली के अधिकारियों से साठगांठ कर 8 जून 2020 को अपने बुजुर्ग चाचा महिमा चंद्र पुत्र श्री दत्त राम के नाम ब्रजेश दुबे के कुछ खेत का बैनामा करा दिया और दस दिन के अंदर दाखिल खारिज करा कर कुछ समय बाद महिमा चंद्र पुत्र दत्तराम से उस खेत का बैनामा अपने नाम करा लिया जो बिल्कुल फर्जी है अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है क्या पटियाली तहसील में सब रजिस्ट्रार द्वारा मरी हुए इंसान की आत्माओं को भी बैनामा करने की अनुमति दे दी जाती है
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