दिल्ली वालों को मिली नई मेट्रो रैपिड रेल की सौगात

दिल्ली वालों को मिली नई मेट्रो रैपिड रेल की सौगात 

पूर्वी दिल्ली के चिल्ला रैगूलेटर से मेरठ गाजियाबाद एनसीआर से कम होगी दूरियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में 12,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम आतिशी ने बताया कि केंद्र सरकार और दिल्ली की आप सरकार मिलकर दिल्ली- एनसीआर को नई मेट्रो लाइन और आरआरटीएस की सौगात दी है। रविवार को दिल्ली मेट्रो फेज-4 के रिठाला-कुंडली कॉरिडोर का शिलान्यास और जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन का उद्घाटन किया  ।
न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद के बीच आरआरटीएस लाइन का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों योजनाओं से दिल्ली एनसीआर के बीच दूरियां कम होगी। पीएम मोदी  ने दोपहर सवा बारह बजे आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की इन योजनाओं का लोकार्पण अथवा शिलान्यास किया। पीएम मोदी साहिबाबाद और न्यू अशोक नगर के बीच करीब 4,600 करोड़ रुपये की लागत वाले दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर लंबे हिस्से का भी उद्घाटन किया।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्ली मेट्रो दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार का संयुक्त उद्यम है। इसमें केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की 50-50 फीसद की भागीदारी है। 2014-15 से जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से मेट्रो के काम में तेजी आई है। 2014-15 में दिल्ली में कुल मेट्रो की लाइन 193 किलोमीटर होती थी। बीते दस साल में यब 393 किलोमीटर हो गई है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा मेट्रो फेज चार में 100 किलोमीटर से अधिक कॉरीडोर पर काम चल रहा है। आतिशी ने कहा कि मेट्रो में यात्रियों की संख्या भी 24 लाख से बढ़कर 60 लाख रोजाना पहुंच गई है। मेट्रो विस्तार का के लिए सरकार ने 2015 से 2025 के बीच 7,278 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
इसके अलावा आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) का भी उद्घाटन होगा। प्रधानमंत्री पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे दिल्ली-मेरठ द्रुत क्षेत्रीय रेल-ट्रांजिट प्रणाली (आरआरटीएस) के साहिबाबाद स्टेशन से न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन में यात्रा भी की। इससे रैपिड रेल जो साहिबाबाद तक चलती है वह न्यू अशोक नगर शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन), जिसका कुछ हिस्सा यूपी, हरियाणा और राजस्थान में है।
यह एनसीआर के आर्थिक विकास से जुड़ा हुआ है। बहुत से लोग सोनीपत, बल्लभगढ़, नोएडा या फरीदाबाद में रहते हैं, लेकिन दिल्ली आकर काम करते हैं। वैसे ही दिल्ली में कई ऐसे लोग हैं जो रहते एनसीआर में काम करने जाते है। इसलिए आरआरटीएस योजना में केंद्र के अलावा राज्यों ने पैसा दिया है। दिल्ली सरकार ने इस आरआरटीएस में 1,260 करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर को दिल्ली सरकार की कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई है।

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