नोएडा एडिशनल कमिश्नर के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचे पीड़ित , नीरज वत्स
नोएडा एडिशनल कमिश्नर के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचे पीड़ित , नीरज वत्स
नोएडा सेक्टर -9 जी -85 में रहने वाले 85 वर्षीय पिता बेटे के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए चौकी और थाना के चक्कर लगा कर परेशान हो गए लेकिन नोएडा पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की आखिर 13 महीने बाद अपहरण कर्ताओं के चुंगल से छूट कर बेटा घर आया तो मां बाप भाई बहन कहानी सुनकर दंग रह गए बताते चलें आपको कि नीरज वत्स पुत्र श्री कृष्ण मुरारी वत्स , अपने परिवार के साथ फ्लैट नं -106 , टावर ए -1 यूनिहोम अपार्टमेंट सेक्टर -117 नोएडा में रहते थे और ई ,45 सेक्टर,8 में प्रिंटिंग की मशीनरी लगाकर अपना कारोबार कर रहे थे नीरज वत्स के बताने के अनुसार नीरज वत्स का उपचार न्यु हास्पीटल सेक्टर 50 में चल रहा था जिनको अस्पताल की ओर से 18 फरवरी 2024 को डिस्चार्ज कर दिया गया था नीरज वत्स के बुजुर्ग माता-पिता जी, 85 सेक्टर 9 नोएडा में रहते हैं नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि 26 फरवरी 2024 को समय करीब 10. 30 मेरी फैक्ट्री में मेरी पत्नी ममता वत्स और उसकी सहेली मीनू शर्मा, श्रेष्ठ पुंडीर , तुषार वैध , दीपक शर्मा, चांद मोहम्मद , अचानक आते हैं और मुझे जबरदस्ती उठा कर गाड़ी में डालकर तपस्थली नशामुक्ति केंद्र देहरादून उत्तराखण्ड में ले जाकर कैद कर देते हैं वहीं दूसरी ओर नीरज वत्स ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी पत्नी ममता वत्स और मीनू शर्मा दोनों बीते लंबे अर्से से ( लेस्बियन रिलेशनशिप ) में मेरे ही मकान में रहती थी नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि मैंने कई बार ममता वत्स को कहा कि या तो मुझे तलाक दे दो या मीनू शर्मा को बोलो अपने घर रहे जाकर लेकिन ममता वत्स ने ऐसा करने से साफ़ इन्कार कर दिया और हमें अपने रास्ते से हटाने के लिए ममता वत्स और मीनू शर्मा द्वारा यह षड्यंत्र रचा गया था इस लिए मुझे अगवा करवा कर नशामुक्ति केंद्र में कैद करा दिया गया था उधर नशा मुक्ति केंद्र में मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था मुझे बेरहमी से मारा पीटा जाता था नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि ममता वत्स ने इस प्रकरण की मेरे माता-पिता ,भाई, बहन को भनक तक नहीं लगने दी थी
नीरज वत्स के पिता कृष्ण मुरारी वत्स
वहीं दूसरी ओर मीडिया कर्मियों द्वारा नीरज वत्स के
पिता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मुझे तो ममता वत्स ने बताया कि नीरज वत्स को मैंने ऋषिकेश में आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भर्ती कर दिया है उनकी देशी दबाई चल रही है जल्द ठीक हो जायेंगे जब मैंने अस्पताल का पता पूंछा तो ममता वत्स कहने लगी आप क्या करोंगे जाकर वह खुद आ जायेंगे इधर ममता वत्स ने फैक्ट्री और घर खाली कर दिया नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि छः महीने बाद छुप कर मोबाइल द्वारा अपने पिता को अपनी परेशानी बताई थी नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि 13 महीना 6 दिन बाद मौका पाकर मैं वहां से भाग निकला और नोएडा आ गया हूं मेरी फैक्ट्री मुझे खाली मिली और सेक्टर 117 में घर जाकर देखा तो घर भी खाली मिला, फिलहाल में हमारे साथ जो घटना घटित हुई है उसकी शिकायत लेकर पुलिस प्रशासन के चक्कर लगा रहा हूं नीरज वत्स ने मीडिया को बताया कि मीडिया में जाने की भनक लगते ही डी सी पी रामबदन सिंह ने फोन करके मुझे बुलाया है अब देखना यह होगा कि डी सी पी महोदय क्या कार्यवाही करते हैं वहीं दूसरी ओर मीडिया कर्मियों द्वारा ममता शर्मा से मोबाइल द्वारा संपर्क किया गया तो ममता वत्स ने मीडिया के सामने आने से साफ इन्कार कर दिया है ममता वत्स का कहना है कि वह स्वयं अपने अंदर झांक कर देख लें उधर नोएडा पुलिस घरेलू विवाद बताकर पल्ला झाड़ती हुई नजर आ रही है बताते चलें आपको कि घरेलू विवाद ममता वत्स और नीरज वत्स का था फिर तुषार वैध , श्रेष्ठ पुंडीर , दीपक शर्मा , चांद मोहम्मद, द्वारा नशामुक्ति केंद्र में क्यों 13 महीने तक कैद करके रखा गया यह एक बहुत बड़ा जांच का विषय है
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